रोग व लक्षण अनुसार घरेलू उपचार
10 शारीरिक संस्थानों के 156 रोगों के लिए 2,544 शास्त्रीय व प्रामाणिक घरेलू उपचार। दादी माँ के नुस्खे, काढ़ा, चूर्ण, लेप व क्षीरपाक।
12 नुस्खा टूल्स देखेंरोगानुसार नुस्खे
सभी रोग व स्थितियां (7)
कान बहना, कान से पीब व मवाद (कर्णस्राव)
कान के भीतर कफ व पित्त के प्रदाह से कान का बहना व मवाद निकलना।
कान का दर्द, टीस मारना व कर्णशूल
ठंडी हवा लगने या मैल जमने से कान के पर्दे में वात का अवरोध व तीव्र कर्णशूल।
एक्जिमा, छाजन व विचर्चिका
कफ व पित्त के रक्त में मिलने से त्वचा पर छाजन (एक्जिमा) होना व चिपचिपे स्राव का बहना।
यूरिया, क्रिएटिनिन बढ़ना व गुर्दे की सफाई
गुर्दे द्वारा रक्त की सफाई मंद होने से यूरिया व क्रिएटिनिन का रक्त में बढ़ना।
बालों का झड़ना (खालित्य) व बालों का पतलापन
पित्त की अतिरिक्त गर्मी द्वारा बालों की जड़ों को सुखा देना जिससे बाल झड़ने लगते हैं।
अत्यधिक पसीना व पसीने की दुर्गंध
शरीर में अत्यधिक पित्त व गर्मी से पसीने की दुर्गंध व अधिक मात्रा में स्राव।
आंखों में जलन, लाली, थकान व कमजोरी
आलोचक पित्त के असंतुलन व कंप्यूटर-फोन देखने से आंखों में रूखापन, जलन व थकान।
