रोग व लक्षण अनुसार घरेलू उपचार
10 शारीरिक संस्थानों के 156 रोगों के लिए 2,544 शास्त्रीय व प्रामाणिक घरेलू उपचार। दादी माँ के नुस्खे, काढ़ा, चूर्ण, लेप व क्षीरपाक।
12 नुस्खा टूल्स देखेंरोगानुसार नुस्खे
जोड़, अस्थि व मांसपेशियां (16)
भीतरी चोट, गुम चोट व रक्त का जमना
बाहरी आघात से त्वचा के भीतर रक्त वाहिकाओं का फटना व रक्त जमने से दर्द होना।
गर्दन का दर्द, सर्वाइकल व ग्रीवास्तम्भ
गर्दन के मनकों में घिसाव व नसों के दबने से गर्दन, कंधों व हाथों में दर्द व सुन्नपन।
कंधे की जकड़न व जाम होना (अपबाहुक)
कंधे के जोड़ में वात द्वारा चिकनाई सूखने से हाथ की गति का रुक जाना।
वात-रक्त, यूरिक एसिड व पैर के अंगूठे का दर्द
रक्त में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों (विशेषकर अंगूठे) में तीखे क्रिस्टल्स का जमना।
एड़ी का दर्द, वातकंटक व एड़ी की हड्डी बढ़ना
एड़ी की हड्डी व स्नायु में वात का संचय होने से कांटे जैसी चुभन होना।
घुटनों का दर्द, संधिवात व जोड़ों में घिसाव
जोड़ों के बीच ग्रीस (श्लेषक कफ) सूखने से हड्डियों का आपस में टकराना व दर्द।
कमर दर्द, कटिशूल व पीठ में जकड़न
लंबर रीढ़ की मांसपेशियों में तनाव या डिस्क के खिसकने से कमर में तेज दर्द।
सुबह शरीर में टूटन, भारीपन व जकड़न
रातभर आंतों में आमदोष बनने से सुबह उठते ही संपूर्ण शरीर में टूटन व भारीपन।
मांसपेशियों में खिंचाव, मोच व पिंडलियों की ऐंठन
स्नायुओं (लिगामेंट्स) में खिंचाव आने से सूजन व मांसपेशियों में असहनीय मरोड़।
हड्डियों की कमजोरी, ऑस्टियोपोरोसिस व कैल्शियम की कमी
शरीर में कैल्शियम व अस्थि धातु के क्षीण होने से हड्डियों का कमजोर व छिद्रयुक्त होना।
पिंडलियों में मीठा दर्द व पैरों की बेचैनी
अपान वात के प्रकोप से रात को पिंडलियों में दर्द व पैरों में लगातार बेचैनी रहना।
आमवात (गठिया बाई) व जोड़ों की सूजन
कच्चे आमदोष (टॉक्सिन्स) का जोड़ों में जाकर वात के साथ मिलकर भयंकर शोथ पैदा करना।
साइटिका, गृध्रसी व रंगा का दर्द
गृध्रसी नाड़ी (साइटिक नर्व) पर दबाव पड़ने से कूल्हे से एड़ी तक खिंचाव व असहनीय दर्द।
रीढ़ की हड्डी की अकड़न व बांस जैसा सीधापन
रीढ़ के जोड़ों में प्रदाह से मनकों का आपस में जुड़ना व शरीर का अकड़ जाना।
जोड़ों की ग्रीस सूखना व हड्डियों की रगड़
संधियों में श्लेषक कफ सूखने से उपास्थियों का घिसना व गंभीर पीड़ा।
कंडरा शोथ, टेनिस एल्बो व कलाई का दर्द
लगातार एक ही काम करने से कण्डरा (टेंडन) में सूजन व दर्द होना।
