रोग व लक्षण अनुसार घरेलू उपचार
10 शारीरिक संस्थानों के 156 रोगों के लिए 2,544 शास्त्रीय व प्रामाणिक घरेलू उपचार। दादी माँ के नुस्खे, काढ़ा, चूर्ण, लेप व क्षीरपाक।
12 नुस्खा टूल्स देखेंरोगानुसार नुस्खे
मूत्र संस्थान व गुर्दे (12)
किशोरों का बिस्तर गीला करना (शय्यामूत्र)
गहरी तंद्रा व अपान वायु की निर्बलता से सोते समय पेशाब का छूट जाना।
मूत्राशय में मरोड़, खिंचाव व पेड़ू का दर्द
अपान वात के प्रकोप से मूत्राशय की दीवारों में अचानक तीव्र संकोच व मरोड़ होना।
पेशाब में जलन, मूत्रकृच्छ्र व पीला पेशाब
पित्त के तीखेपन से मूत्रनली में जलन होना व कष्टपूर्वक मूत्र का निकलना।
यूरिया, क्रिएटिनिन बढ़ना व गुर्दे की सफाई
गुर्दे द्वारा रक्त की सफाई मंद होने से यूरिया व क्रिएटिनिन का रक्त में बढ़ना।
बार-बार पेशाब आना, बहुमूत्रता व रात में पेशाब
कफ व वात की शिथिलता से मूत्राशय की धारण शक्ति कमजोर होना व बार-बार पेशाब आना।
पेशाब में झाग आना व प्रोटीन निकलना
गुर्दे की छानने वाली जाली कमजोर होने से रक्त के पोषक प्रोटीन का पेशाब में बहना।
गुर्दे की पथरी, अश्मरी व पेशाब में रुकावट
कफ व वात के संयोग से मूत्र संस्थान में पथरी का बनना व मूत्र मार्ग में रुकावट।
गुर्दों के हिस्से में मीठा दर्द व पीठ में खिंचाव
गुर्दे के चारों ओर तनाव व अपान वात के अवरोध से पीठ के दोनों तरफ गहरा दर्द।
पेशाब खुलकर न आना, अल्पमूत्रता व रुकावट
अपान वायु के रुकने से मूत्राशय में मूत्र का अवरुद्ध होना व बूंद-बूंद टपकना।
मूत्रनली में खुजली, चुभन व बेचैनी
मूत्र में लवणों की अधिकता या फंगस के कारण मूत्रनली के भीतर खुजली व जलन।
पेशाब न रुकना, छींकने पर पेशाब निकलना
पेल्विक मांसपेशियों व मूत्राशय के वाल्व की कमजोरी से पेशाब पर नियंत्रण खोना।
मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) व मूत्राशय की सूजन
मूत्राशय में संक्रमण व सूजन होने से बार-बार व कष्ट से पेशाब आना।
