रोग व लक्षण अनुसार घरेलू उपचार
10 शारीरिक संस्थानों के 156 रोगों के लिए 2,544 शास्त्रीय व प्रामाणिक घरेलू उपचार। दादी माँ के नुस्खे, काढ़ा, चूर्ण, लेप व क्षीरपाक।
12 नुस्खा टूल्स देखेंरोगानुसार नुस्खे
अंतःस्रावी व चयापचय (डायबिटीज) (12)
सदा थकान रहना, ऊर्जा की कमी व दौर्बल्य
रस धातु व ओज के क्षीण होने से शरीर की समस्त ऊर्जा व कार्यक्षमता का समाप्त होना।
पुराना धीमा बुखार, हड्डियों की हरारत (जीर्ण ज्वर)
अस्थि व मज्जा धातु में छिपे पुराने बुखार के विष जिससे सदा हरारत व कमजोरी रहती है।
डायबिटीज में पैरों की जलन, सुन्नपन व तलवों में आग
रक्त में अधिक शुगर रहने से पैरों की नसों का जलना व तलवों में असहनीय जलन होना।
लू लगना, अत्यधिक गर्मी व शरीर में पानी की कमी
गर्मियों में लू के तीखे प्रभाव से शरीर का पानी सूखना, पित्त कुपित होना व बेहोशी आना।
थायराइड (हाइपोथायरायडिज्म), वजन बढ़ना व गलगंड
थायराइड ग्रंथि के धीमे पड़ने से चयापचय (मेटाबॉलिज्म) का मंद होना व चर्बी का संचय।
मेटाबॉलिक सिंड्रोम व संपूर्ण चयापचय विकार
शरीर के सभी चयापचय तंत्रों का एक साथ बिगड़ना व समग्र स्वास्थ्य पर संकट।
मोटापा, पेट की चर्बी व स्थौल्य रोग
कफ व मेद धातु के अनियंत्रित संचय से शरीर का बेडौल व स्थूल हो जाना।
बीमारी के बाद की कमजोरी व स्वास्थ्य लाभ
दीर्घ रोग के पश्चात शरीर की समस्त धातुओं का क्षीण होना जिन्हें रसायन आहार से पुष्ट किया जाता है।
प्री-डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस व बॉर्डरलाइन शुगर
कोशिकाओं द्वारा इंसुलिन को न पहचानना जिससे भोजन के बाद रक्त शर्करा तेजी से उछलती है।
मधुमेह (डायबिटीज), शुगर व प्रमेह रोग
मेद धातु की विकृति व अग्न्याशय की कमजोरी से रक्त में शर्करा (शुगर) का अनियंत्रित बढ़ना।
अकारण वजन गिरना, अत्यधिक दुबलापन (कार्श्य)
वात के रूखेपन से मांस व मेद धातु का सूखना व शरीर का अत्यधिक दुर्बल होना।
शरीर में पानी भरना, पैरों की सूजन (शोथ रोग)
कफ व वात की विकृति से रस व जल धातु का त्वचा के नीचे ठहरना व सूजन पैदा करना।
