बच्चों के दांत निकलते समय कष्ट, दस्त व लार टपकना के लिए अजवाइन का घरेलू औषधीय प्रयोग
- **दांत निकलते समय मसूड़ों की बेचैनी:** बच्चे को चबाने के लिए ठंडी गाजर या खीरे की साफ फांक दें; भुनी हुई अजवाइन की पोटली बनाकर बच्चे के पास रखें।
जीवन के दो छोर—बचपन और बुढ़ापा—विशेष संवेदनशीलता मांगते हैं। बालकों की सुकुमार धातुएं और वृद्धों की वात-प्रधान दुर्बलता के लिए तीव्र औषधियां वर्जित हैं। शार्ङ्गधर संहिता के आयु-मात्रा नियमों अनुसार सौम्य, सुरक्षित व मधुर अनुपान युक्त नुस्खे।
बालक सुकुमार और वाणी से अपनी व्यथा कहने में असमर्थ होते हैं। बाल स्वास्थ्य देखभाल में तीक्ष्ण, कड़वे या भारी भस्मों का प्रयोग सर्वथा निषिद्ध है। केवल सौम्य, मधुर रस युक्त व न्यूनतम मात्रा में नुस्खे दिए जाते हैं, जिनका अनुपान शहद, गाय का दूध या मिश्री होता है।
निर्माण: 1 चम्मच सौंफ + चुटकी भर अजवाइन + 1 छोटी इलायची को 100 मिली पानी में 30 मिली रहने तक उबालें। साफ सूती कपड़े से छानें।
निर्माण: चुटकी भर बारीक मुलेठी चूर्ण में 1 बूंद शहद व 1 बूंद देसी घी मिलाकर उंगली से पेस्ट बनाएं।
निर्माण: 1 ग्राम शंखपुष्पी चूर्ण + 1 ग्राम ब्राह्मी चूर्ण को 1 चम्मच देसी घी या शहद में मिलाएं।