देवता परिचय
नरसिंह अवतार — Narasimha Avatar
नरहरि, लक्ष्मी नरसिंह, उग्र नरसिंह, प्रह्लाद वरद, हिरण्यकशिपु मर्दन, स्तम्भोद्भव, ज्वाला नरसिंह
प्रमुख प्रतीकों, मंत्र, पूजा परंपराओं और संबंधित प्रार्थनाओं को एक स्थान पर समझें।
Avatars of Vishnu
आराधना का परिचय
प्रमुख परंपराएँ और प्रतीक
पूजा दिवस
मंगलवार और शनिवार; विशेष रूप से वैशाख शुक्ल चतुर्दशी यानी नरसिंह जयंती
अर्पण
पनकम, वड़ा/वडई, फल, शहद, लाल-पीले फूल, चंदन, कुमकुम
रंग
पीला, केसरिया, लाल
मूल मंत्र
ॐ नृसिंहाय नमः
नरसिंह अवतार — Narasimha Avatar
नरसिंह अवतार भगवान विष्णु का चौथा दशावतार है। इस रूप में भगवान न आधे मनुष्य थे, न पूर्ण पशु — वे मनुष्य शरीर और सिंह मुख के साथ प्रकट हुए। यह अवतार भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अहंकारी हिरण्यकशिपु के वध के लिए स्तम्भ से प्रकट हुआ। नरसिंह यह सिखाते हैं कि ईश्वर हर स्थान पर हैं और भक्त की रक्षा के लिए सभी सीमाओं को पार कर सकते हैं।
प्रसिद्ध मंदिर
अहोबिलम, आंध्र प्रदेश
सिंहाचलम मंदिर, विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश
लक्ष्मी नरसिंह मंदिर, यादगिरिगुट्टा, तेलंगाना
नरसिंह मंदिर, मंगलगिरि, आंध्र प्रदेश
योग नरसिंह मंदिर, मेलकोटे, कर्नाटक
नरसिंह झिरा मंदिर, बीदर, कर्नाटक
शोलिंगुर मंदिर, तमिलनाडु
विद्या नरसिंह मंदिर, हम्पी, कर्नाटक
नरसिंह मंदिर, नामक्कल, तमिलनाडु
परहिरण्यपुर नरसिंह, तिरुवल्लिकेनी, चेन्नई
🎉 त्योहार
नरसिंह जयंती
नरसिंह चतुर्दशी
होली / होलिका दहन
अहोबिलम ब्रह्मोत्सव
महत्व
नरसिंह भक्त-रक्षा, निर्भयता, धर्म की विजय और दैवी न्याय के प्रतीक हैं। वे दुष्ट के लिए भयंकर और भक्त के लिए करुणामय हैं।
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Narasimha की प्रार्थनाएँ और पाठ
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