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☕ शास्त्रीय भेषज कल्पना · जल संकोचन अनुपात

काढ़ा, कषाय व चूर्ण निर्माण कैलकुलेटर

सही जल संकोचन और आंच के बिना काढ़े का औषधीय सत्व सक्रिय नहीं होता। शार्ङ्गधर संहिता के शास्त्रीय अनुपातों (16:4, 8:2) के अनुसार पानी की मात्रा, सिमरिन्ग समय और बैच आकार की सटीक गणना करें।

16:4 क्वाथ अनुपात (1/4 संकोचन)
5 शास्त्रीय विधियां
14+ सिद्ध शास्त्रीय योग
100% आयुष व संहिता संदर्भ
शास्त्रीय निर्माण विधि चुनें (Select Extraction Method)
☕ शास्त्रीय क्वाथ (काढ़ा) 🫖 तीव्र कषाय (सघन पारंपरिक काढ़ा) 🪻 फाण्ट (उष्ण हर्बल चाय / अर्क) 🧊 शीत कषाय (हिम / ठंडा अर्क) 🥣 शास्त्रीय सूक्ष्म चूर्ण
🪻

फाण्ट (उष्ण हर्बल चाय / अर्क)

1 भाग औषधि : 4 भाग उबलता पानी -> 15 मिनट ढककर रखें, फिर छानें
औषधि मात्रा (Dry Herb Weight): 10 grams
5g 50g 100g
सटीक जल संकोचन परिणाम (Calculated Water Volume)
प्रारंभिक जल (Starting Water)
160 ml
ताजा पीने योग्य पानी
अंतिम काढ़ा (Final Target)
40 ml
छानने के बाद शेष
⏱️ अनुमानित मंद आंच समय: 12 - 15 minutes
📜

शार्ङ्गधर संहिता: काढ़ा निर्माण के 5 सुवर्ण नियम

  • 1
    ढक्कन खुला रखें (Lid Rule):

    बर्तन को कसकर ढक कर रखें ताकि सुगंधित वाष्पशील तेल उड़ न जाएं

  • 2
    मृदु अग्नि (Gentle Simmer):

    गैस बंद रखें; उबलता पानी जड़ी-बूटियों पर डालकर ढकें

  • 3
    दरदरा चूर्ण (Coarse Powder):

    जड़ी-बूटियों को बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं; दरदरा (जौ कूट) रखें ताकि जल में सत्व भलीभांति घुले।

  • 4
    ताजा सेवन अवधि (Shelf Life):

    2 से 4 घंटे के भीतर ताजा पिएं

  • 5
    उपयुक्त द्रव्य (Best Botanicals):

    सुगंधित पत्तियां, फूल व नाजुक बीज (तुलसी, पुदीना, सौंफ, छोटी इलायची)

⚠️ महत्वपूर्ण चेतावनी: काढ़े में कभी भी शहद (Madhu) उबलते हुए न डालें। जब काढ़ा गुनगुना (शीतोष्ण) हो जाए, तभी शहद मिलाएं, अन्यथा वह आयुर्वेद अनुसार विष (आम) बन जाता है।
संहिता संदर्भित शास्त्रीय योग

6 सिद्ध शास्त्रीय काढ़ा व चूर्ण योग

आयुष व चरक संहिता संदर्भित
KWATH · Vata-Kapha Shamaka 📖 Ministry of AYUSH Clinical Advisory

आयुष मंत्रालय अनुशंसित रोग प्रतिरोधक काढ़ा

प्रमुख लाभ: मौसमी सर्दी, जुकाम, गले की खराश व फेफड़ों में कफ का जमाव

घटक द्रव्य व अनुपात (Herbal Formula):
🌿 तुलसी के पत्ते 4 parts (40g)
🌿 दालचीनी छाल 2 parts (20g)
🌿 सोंठ चूर्ण 2 parts (20g)
🌿 काली मिर्च 1 part (10g)
निर्माण विधि: सभी द्रव्यों को दरदरा कूट लें। 150 मिली पानी में 3 ग्राम चूर्ण डालकर धीमी आंच पर आधा (75 मिली) रहने तक उबालें। छानकर स्वादानुसार थोड़ा गुड़ या नींबू मिलाकर गुनगुना पिएं।
मात्रा: 50 से 75 मिली दिन में 1 से 2 बार खाली पेट अथवा शाम को गुनगुना लें।
KWATH · Vata-Kapha Shamaka (Supreme Vata Shanti) 📖 Charaka Samhita, Chikitsa Sthana

दशमूल क्वाथ (वात शामक व तंत्रिका पोषक)

प्रमुख लाभ: कमर दर्द, साइटिका, सर्वाइकल, जोड़ों में अकड़न, प्रसूति पश्चात दुर्बलता

घटक द्रव्य व अनुपात (Herbal Formula):
🌿 बृहत् पंचमूल (बेल, अरणी, सोनापाठा, पाढ़ल, खंभारी) Equal 5 parts
🌿 लघु पंचमूल (सरिवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी, गोखरू) Equal 5 parts
निर्माण विधि: 20 ग्राम दरदरा दशमूल चूर्ण 320 मिली पानी में बिना ढके धीमी आंच पर 80 मिली (चौथाई भाग) रहने तक पकाएं और छान लें।
मात्रा: 40 से 60 मिली दिन में 2 बार भोजन से 30 मिनट पूर्व गुनगुना लें।
CHURNA · Kapha-Pitta Shamaka 📖 Sharangadhara Samhita, Madhyama Khanda

सितोपलादि चूर्ण (खांसी, जुकाम व फेफड़ों का बल)

प्रमुख लाभ: सूखी या कफ वाली खांसी, दमा, सीने में जमाव, हाथ-पैरों में जलन व मन्द ज्वर

घटक द्रव्य व अनुपात (Herbal Formula):
🌿 धागे वाली मिश्री 16 parts (160g)
🌿 तबाशीर / वंशलोचन 8 parts (80g)
🌿 छोटी पीपल 4 parts (40g)
🌿 छोटी इलायची बीज 2 parts (20g)
🌿 दालचीनी 1 part (10g)
निर्माण विधि: सभी द्रव्यों को अलग-अलग महीन पीसकर मिला लें और बारीक कपड़े से छानें। कांच की साफ शीशी में रखें।
मात्रा: 2 से 3 ग्राम (आधा चम्मच) दिन में 2 से 3 बार लें।
KWATH · Tridosha Shamaka (Universal) 📖 Ashtanga Hridaya, Sutra Sthana

त्रिफला क्वाथ व शीतल नेत्र प्रक्षालन

प्रमुख लाभ: कब्ज, पाचन दुर्बलता, आंखों की थकान व जलन, रक्त शुद्धि

घटक द्रव्य व अनुपात (Herbal Formula):
🌿 हरड़ छिलका 1 part (10g)
🌿 बहेड़ा छिलका 1 part (10g)
🌿 आंवला सूखा 1 part (10g)
निर्माण विधि: 10 ग्राम त्रिफला 160 मिली पानी में चौथाई (40 मिली) रहने तक उबालें। आंखों के लिए इसे पूरी तरह ठंडा करके महीन कपड़े की 4 तहों से छानें।
मात्रा: आंतरिक: 30 मिली रात को गुनगुना लें। नेत्र प्रक्षालन: सुबह आई कप से आंखें धोएं।
HIMA · Pitta-Vata Shamaka (Ultra Cooling) 📖 Bhavaprakasha Nighantu

धनिया हिम (अम्लपित्त व मूत्र दाह शामक)

प्रमुख लाभ: पेशाब में जलन, खट्टी डकारें, सीने में जलन, तेज प्यास व गर्मी से बेचैनी

घटक द्रव्य व अनुपात (Herbal Formula):
🌿 साबुत धनिया (कुचला हुआ) 25g
🌿 धागे वाली मिश्री 10g
🌿 साफ शीतल जल 150ml
निर्माण विधि: धनिए को हल्का कूटकर रात भर मिट्टी के कुल्हड़ में 150 मिली पानी में भिगोएं। सुबह हाथों से अच्छी तरह मसलकर छान लें और मिश्री मिलाएं।
मात्रा: 75 से 100 मिली सुबह खाली पेट पिएं।
CHURNA · Kapha-Vata Shamaka (Heating / Ushna Virya) 📖 Charaka Samhita, Grahani Rogadhikara

त्रिकटु चूर्ण (जठराग्नि प्रदीपक व आम पाचक)

प्रमुख लाभ: भूख न लगना, पेट फूलना, भारीपन, जीभ पर सफेद मैल, साइनस व मंद चयापचय

घटक द्रव्य व अनुपात (Herbal Formula):
🌿 सोंठ Equal 1 part (30g)
🌿 काली मिर्च Equal 1 part (30g)
🌿 पीपली Equal 1 part (30g)
निर्माण विधि: तीनों को समान मात्रा में लेकर बारीक कूटकर मिला लें।
मात्रा: आधा से 1 ग्राम (चुटकी भर) भोजन से पहले या भोजन के साथ लें।
शास्त्रीय भेषज भंडार (2,544 डेटाबेस नुस्खे)

शास्त्रीय काढ़ा व क्वाथ योग (154 नुस्खे)

पृष्ठ 1 (प्रति पृष्ठ 6 नुस्खे)
मुख्य औषधि द्रव्य: 🌿 Asafoetida Hing
🥣 शास्त्रीय निर्माण व सेवन विधि
  1. **हर्बल जल से बाल धोना:** नीम, तुलसी या रोजमेरी के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा कर लें; बाल धोने के बाद अंत में इस पानी से सिर धोएं।
मात्रा (Dosage) प्रतिदिन 1 से 2 बार गुनगुने पानी अथवा दूध के साथ नियमानुसार सेवन करें।
अनुपान (Vehicle) Warm Water
सेवन काल (Timing) प्रातः काल अथवा शाम को
शास्त्रीय संदर्भ (Source) The Kitchen as a Pharmacy (Bilingual)
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
मुख्य औषधि द्रव्य: 🌿 Fenugreek Methi
🥣 शास्त्रीय निर्माण व सेवन विधि
  1. **डायबिटीज (मधुमेह):** रातभर पानी में भिगोया मेथी दाना सुबह खाली पेट चबाकर खाएं और उसका पानी पिएं; करेले का रस नियमित पिएं।
मात्रा (Dosage) प्रतिदिन 1 से 2 बार गुनगुने पानी अथवा दूध के साथ नियमानुसार सेवन करें।
अनुपान (Vehicle) Warm Water
सेवन काल (Timing) प्रातः काल अथवा शाम को
शास्त्रीय संदर्भ (Source) The Kitchen as a Pharmacy (Bilingual)
पूरा नुस्खा, विधि और सावधानियां देखें
शीत कषाय (हिम)

सदा थकान रहना, ऊर्जा की कमी व दौर्बल्य के लिए गाजर का शीत हिम

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यह नुस्खा "आयुर्वेद व घरेलू नुस्खे पास" के सदस्यों के लिए पूर्णतः उपलब्ध है।

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आयुर्वेदिक प्रयोग (Kadha)

दमा, अस्थमा व श्वास फूलना के लिए ताजा अदरक का काढ़ा (क्वाथ)

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सर्दी-जुकाम, नजला व बहती नाक के लिए ताजा अदरक का काढ़ा (क्वाथ)

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आयुर्वेदिक प्रयोग (Kadha)

सीने में कफ का जमाव व जकड़न के लिए अजवाइन का काढ़ा (क्वाथ)

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कुल 154 में से 1–6 नुस्खे प्रदर्शित
Kriyasya
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