🧪 आपातकालीन त्वरित प्रोटोकॉल
विषाक्त भोजन, बदहजमी व पेट की तीव्र खराबी
आमविष व अलसक (Ama Visha) · आमदोष का विषैले तत्व में बदलना व जठराग्नि का पक्षाघात
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अस्पताल कब जाएं?
तेज बुखार, आंखों में धुंधलापन, मल में खून या 24 घंटे से अधिक लगातार उल्टी-दस्त होना आपातकाल है — तुरंत अस्पताल जाएं।
बासी या अशुद्ध भोजन से पेट में बने विषैले तत्वों (टॉक्सिन्स) को नष्ट करने और उल्टी-मितली को शांत करने के प्राचीन उपाय।
⏱️ 3-चरणीय आपातकालीन एक्शन प्लान
1
0–60s
चरण 1: तुरंत करने योग्य प्राथमिक क्रिया
ठोस भोजन का तुरंत पूर्ण त्याग करें (लंघन)। आधा चम्मच जीरा व साबुत धनिया डालकर उबाला गया गुनगुना पानी हर 15 मिनट में 2-3 घूंट पिएं।
2
5–15m
चरण 2: रसोई फार्मेसी का मुख्य नुस्खा
1 चम्मच अदरक के रस में 1 चम्मच शुद्ध शहद और एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर चाटें — यह पेट की अग्नि को जगाकर विषाक्तता को जलाता है।
3
24h
चरण 3: स्थिरता व अगले 24 घंटे का नियम
मितली होने पर नींबू के टुकड़े पर थोड़ा सेंधा नमक लगाकर चूसें अथवा छोटी इलायची के दाने मुंह में रखकर चबाएं।
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भूलकर भी ये गलती न करें (निषिद्ध कर्म)
जबरदस्ती रोटी-चावल न खिलाएं। बिना डॉक्टर की सलाह के दस्त को जबरन रोकने वाली दवा न लें, इससे बैक्टीरिया अंदर ही बंद रह जाते हैं।
