पीलिया (जॉन्डिस) व यकृत विकार
पित्त के रक्त में मिल जाने से त्वचा, आंखें व मूत्र पीले हो जाते हैं व यकृत कमजोर होता है।
प्रमुख लक्षण व संकेत
- आंखों व पेशाब का पीला होना
- सफेद मल
- थकान व दुर्बलता
- भूख बिल्कुल न लगना
दोष व स्रोतस (शरीर क्रिया)
यह विकार मुख्य रूप से Pitta (Rakta-Mamsa Ashraya) के असंतुलन से उत्पन्न होता है, जो पाचन व उदर संस्थान को प्रभावित करता है।
✅ पथ्य (क्या सेवन करें / हितकारी)
सुपाच्य, ताजा व गर्म भोजन, गुनगुना पानी, हरी मूंग दाल, परवल, घी का संयमित प्रयोग, समय पर भोजन व पर्याप्त निद्रा।
⚠️ अपथ्य (परहेज / क्या न खाएं)
अत्यधिक मिर्च-मसाले, तला-भुना भोजन, बासी खाना, शीतल पेय (फ्रिज का पानी), दिन में सोना, मानसिक तनाव व देर रात तक जागना।
आपातकालीन चेतावनी व लाल झंडे (Red Flags)
घरेलू नुस्खे केवल सामान्य व प्रारंभिक अवस्था के लिए हैं। यदि तेज सीने में दर्द, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, बेहोशी, मल या उल्टी में खून, या 3 दिन से अधिक तेज बुखार हो, तो तुरंत निकटतम अस्पताल अथवा योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।
