Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

श्रीनाथजी आरती दर्शन

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Shrinathji मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

आरती श्री नाथजी की कीजे ।

अति सुंदर छवि निरखत नैनन में,

मन आनंदित कीजे ॥

नंद यशोदा के प्यारे,

गोकुल के रखवारे ।

भक्तन के प्रतिपालक,

दुष्टन के संहारे ॥

आरती श्री नाथजी की कीजे ।

अति सुंदर छवि निरखत नैनन में,

मन आनंदित कीजे ॥

गिरि गोवर्धन धारी,

इंद्र मान मद हारी ।

शरणागत के रक्षक,

भक्तन के हितकारी ॥

आरती श्री नाथजी की कीजे ।

अति सुंदर छवि निरखत नैनन में,

मन आनंदित कीजे ॥

कमल नयन करुणाकर,

पीताम्बर धारी ।

मोर मुकुट सिर सोहे,

कुंडल की छवि न्यारी ॥

आरती श्री नाथजी की कीजे ।

अति सुंदर छवि निरखत नैनन में,

मन आनंदित कीजे ॥

राधा संग विराजे,

बंसी मधुर बजावे ।

गोप गोपिका संग में,

रास रचावे ॥

आरती श्री नाथजी की कीजे ।

अति सुंदर छवि निरखत नैनन में,

मन आनंदित कीजे ॥

शरण आए की लाज,

प्रभु तुम ही राखो ।

दास 'सूर' की विनती,

भव सागर तारो ॥

आरती श्री नाथजी की कीजे ।

अति सुंदर छवि निरखत नैनन में,

मन आनंदित कीजे ॥

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →