श्री रामायण जी की आरती — रामायण आरती
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आरती श्री रामायण जी की, कीर्ति कलित ललित सियापति की।
राम कथा अमृत की धारा, भक्त हृदय सुखरासी॥
सीता राम लखन हनुमाना, सबके मंगलकारी।
ग्रंथ रूप प्रभु घर में आए, दूर करें अँधियारी॥
Aarti Shri Ramayan ji ki, kirti kalit lalit Siyapati ki.
Ram katha amrit ki dhaara, bhakt hriday sukhrasi.
Sita Ram Lakhan Hanumana, sabke mangalkaari.
Granth roop Prabhu ghar mein aaye, door karen andhiyaari.
अर्थ: रामायण जी की आरती में श्रीराम की कीर्ति और लीला का स्मरण है।
The aarti of Ramayan remembers the glory and lila of Shri Rama.
अर्थ: राम कथा को अमृत धारा और भक्तों के सुख का स्रोत माना गया है।
Ram katha is praised as a stream of nectar and joy for devotees.
अर्थ: सीता, राम, लक्ष्मण और हनुमान का मंगलकारी स्मरण है।
Sita, Rama, Lakshmana, and Hanuman are remembered as auspicious.
अर्थ: ग्रंथ रूप प्रभु घर में प्रकाश लाते हैं और अंधकार दूर करते हैं।
The sacred text brings divine light into the home and removes darkness.
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