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आरती
आरती

श्रीराधाजी

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अक्षर

आरती श्री राधे जू की कीजै।

टेक: आरती श्री राधे जू की कीजै।

कृष्ण संग जो रहे सदा, कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

प्रथम ही पूजा कृष्ण की कीनी, तब राधा रानी सुख लीनी।

कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

वृषभानु की दुलारी, ब्रज की राज दुलारी।

कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

नंदलाल की प्यारी, गोकुल की दुलारी।

कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

राधा नाम जपे जो कोई, भवसागर से पार सो होई।

कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

राधा नाम जपे जो कोई, कृष्ण कृपा सो पावे सोई।

कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

राधा नाम जपे जो कोई, प्रेम भक्ति रस पावे सोई।

कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

आरती श्री राधे जू की कीजै।

कृष्ण संग जो रहे सदा, कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥

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