श्रीराधाजी
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आरती श्री राधे जू की कीजै।
टेक: आरती श्री राधे जू की कीजै।
कृष्ण संग जो रहे सदा, कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
प्रथम ही पूजा कृष्ण की कीनी, तब राधा रानी सुख लीनी।
कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
वृषभानु की दुलारी, ब्रज की राज दुलारी।
कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
नंदलाल की प्यारी, गोकुल की दुलारी।
कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
राधा नाम जपे जो कोई, भवसागर से पार सो होई।
कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
राधा नाम जपे जो कोई, कृष्ण कृपा सो पावे सोई।
कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
राधा नाम जपे जो कोई, प्रेम भक्ति रस पावे सोई।
कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
आरती श्री राधे जू की कीजै।
कृष्ण संग जो रहे सदा, कृष्ण भक्ति रस भीजै ॥
Aarti Shri Radhe Ju Ki Kije |
Tek: Aarti Shri Radhe Ju Ki Kije |
Krishna Sang Jo Rahe Sada, Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Pratham Hi Puja Krishna Ki Kini, Tab Radha Rani Sukh Lini |
Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Vrishabhanu Ki Dulari, Braj Ki Raj Dulari |
Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Nandalal Ki Pyari, Gokul Ki Dulari |
Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Radha Naam Jape Jo Koi, Bhavsagar Se Paar So Hoi |
Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Radha Naam Jape Jo Koi, Krishna Kripa So Pave Soi |
Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Radha Naam Jape Jo Koi, Prem Bhakti Ras Pave Soi |
Krishna Bhakti Ras Bhije ||
Aarti Shri Radhe Ju Ki Kije |
Krishna Sang Jo Rahe Sada, Krishna Bhakti Ras Bhije ||
अर्थ: आइए, श्री राधा रानी की आरती करें। वे जो सदैव श्री कृष्ण के संग रहती हैं और कृष्ण भक्ति के रस में डूबी रहती हैं।
Let us perform the Aarti of Shri Radhe Ju (Radha Rani). She who always remains with Shri Krishna, immersed in the nectar of Krishna's devotion.
अर्थ: सर्वप्रथम श्री कृष्ण की पूजा करने पर ही राधा रानी को सुख प्राप्त होता है। वे सदैव कृष्ण भक्ति के रस में डूबी रहती हैं।
Only by first worshipping Shri Krishna does Radha Rani attain happiness. She is always steeped in the essence of Krishna's devotion.
अर्थ: वे वृषभानु जी की लाडली पुत्री हैं, और ब्रज की राजदुलारी हैं। वे सदैव कृष्ण भक्ति के रस में डूबी रहती हैं।
She is the beloved daughter of Vrishabhanu, the royal princess of Braj. She is always steeped in the essence of Krishna's devotion.
अर्थ: वे नंदलाल (श्री कृष्ण) को अत्यंत प्रिय हैं, और गोकुल की प्यारी दुलारी हैं। वे सदैव कृष्ण भक्ति के रस में डूबी रहती हैं।
She is dear to Nandalal (Shri Krishna), the beloved darling of Gokul. She is always steeped in the essence of Krishna's devotion.
अर्थ: जो कोई भी राधा नाम का जप करता है, वह भवसागर से पार हो जाता है। वह सदैव कृष्ण भक्ति के रस में डूबा रहता है।
Whoever chants the name of Radha, crosses the ocean of material existence. They remain immersed in the nectar of Krishna's devotion.
अर्थ: जो कोई भी राधा नाम का जप करता है, उसे श्री कृष्ण की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। वह सदैव कृष्ण भक्ति के रस में डूबा रहता है।
Whoever chants the name of Radha, surely receives the grace of Shri Krishna. They remain immersed in the nectar of Krishna's devotion.
अर्थ: जो कोई भी राधा नाम का जप करता है, उसे प्रेम और भक्ति का दिव्य रस प्राप्त होता है। वह सदैव कृष्ण भक्ति के रस में डूबा रहता है।
Whoever chants the name of Radha, attains the divine nectar of love and devotion. They remain immersed in the nectar of Krishna's devotion.
अर्थ: आइए, श्री राधा रानी की आरती करें। वे जो सदैव श्री कृष्ण के संग रहती हैं और कृष्ण भक्ति के रस में डूबी रहती हैं।
Let us perform the Aarti of Shri Radhe Ju. She who always remains with Shri Krishna, immersed in the nectar of Krishna's devotion.
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