श्रीपर्वतवासिनी ज्वालाजी
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ॐ जय ज्वाला मैया, जय ज्वाला मैया ।
जो कोई तुमको ध्यावे, सुख सम्पति पावे ॥
ॐ जय ज्वाला मैया...
ज्वाला मैया की आरती, जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे ॥
ॐ जय ज्वाला मैया...
Om Jai Jwala Maiya, Jai Jwala Maiya |
Jo koi tumko dhyave, Sukh Sampati Pave ||
Om Jai Jwala Maiya...
Jwala Maiya ki Aarti, Jo koi Nar Gave |
Kahat Shivanand Swami, Manvanchhit Phal Pave ||
Om Jai Jwala Maiya...
अर्थ: हे ज्वाला मैया, आपकी जय हो, आपकी जय हो। जो कोई भी आपका ध्यान करता है, वह सुख और धन-संपत्ति प्राप्त करता है।
Om, Victory to Mother Jwala, Victory to Mother Jwala! Whoever meditates upon You, attains happiness and prosperity.
अर्थ: जो कोई भी भक्त ज्वाला मैया की यह आरती गाता है, स्वामी शिवानंद कहते हैं कि वह अपनी मनचाही इच्छाओं का फल प्राप्त करता है।
Whoever devotee sings this Aarti of Mother Jwala, Swami Shivanand says, attains the fruits of their heart's desires.
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