Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

श्रीगङ्गाजी

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Ganga मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता ।

जो नर तुमको ध्याता, मन वांछित फल पाता ॥

ॐ जय गंगे माता...

चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल आता ।

शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता ॥

ॐ जय गंगे माता...

पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता ।

कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता ॥

ॐ जय गंगे माता...

एक ही बार जो तेरी, शरणागति आता ।

यम की त्रास मिटा कर, परम गति पाता ॥

ॐ जय गंगे माता...

आरती मातु तुम्हारी, जो जन नित्य गाता ।

दास शिवनन्द स्वामी, सुख सम्पति पाता ॥

ॐ जय गंगे माता...

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →