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आरती
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श्रीदेवीजी

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अक्षर

जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता ।

प्रथम दुर्गा तुम हो, शिव की अर्धांगिनी माता ॥

जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता ॥

श्वेत वस्त्र धारिणी, वृषभ पर विराजती हो ।

त्रिशूल कमल कर में, भक्तों को तारती हो ॥

जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता ॥

हिमालय की पुत्री, सती का रूप धरणी ।

नवरात्रि की पहली, तुम ही हो कल्याणी ॥

जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता ॥

नंदी पर सवार हो, भय हरती हो सारा ।

ज्ञान भक्ति देती, करती हो उजियारा ॥

जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता ॥

जो कोई तुमको ध्यावे, मनवांछित फल पावे ।

रोग दोष मिट जाते, सुख शांति घर आवे ॥

जय शैलपुत्री माता, जय शैलपुत्री माता ॥

पाठ पूर्ण

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