शेंदूर लाल चढ़ायो आरती — गणपति आरती
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शेंदूर लाल चढ़ायो, अच्छा गजमुख को।
दोंदिल लाल बिराजे, सुत गौरीहर को॥
हाथ लिए गुड़ मोदक, सुखकर्ता दुखहारी।
आरती करूँ गणराज की, जय मंगलकारी॥
Shendur lal chadhayo, achchha Gajmukh ko.
Dondil laal biraaje, sut Gaurihar ko.
Haath liye gud modak, sukhkarta dukhhaari.
Aarti karun Ganraj ki, jai mangalkaari.
अर्थ: गणेश जी को शेंदूर चढ़ाकर गजमुख रूप में पूजा गया है।
Ganesha is worshipped with vermilion in his elephant-faced form.
अर्थ: वे गौरी-शंकर के प्रिय पुत्र रूप में विराजते हैं।
He is adored as the beloved son of Gauri and Shiva.
अर्थ: मोदक धारण करने वाले गणेश सुख देने और दुख हरने वाले हैं।
Holding modak, Ganesha brings joy and removes sorrow.
अर्थ: भक्त मंगलकारी गणराज की आरती करता है।
The devotee offers aarti to auspicious Ganraj.
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