Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

भगवान ब्रह्मा आरती

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Brahma मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

पितु मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो |

जिनके कछु और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो ||

सब भांति सदा सुखदायक हो, दुख दारिद्र्य विनाशक हो |

जग जीवन के आधार तुम्हीं, भव संकट के हरवारे हो ||

तुम ही हो विधाता, तुम ही हो नियंता, तुम ही हो सृष्टिकर्ता |

तुम ही हो पालक, तुम ही हो संहारक, तुम ही हो सर्वकर्ता ||

तुम ही हो ब्रह्मा, तुम ही हो विष्णु, तुम ही हो शंकर देवा |

तुम ही हो माता, तुम ही हो पिता, तुम ही हो गुरु देवा ||

जो भक्त तुम्हारे शरण पड़े, उनके सब कष्ट निवारण हो |

करुणा सागर, दीनबंधु, तुम ही हो भवसागर तारन हो ||

आरती करूं मैं तुम्हारी प्रभु, श्रद्धा भक्ति से मन भरके |

संसार के सारे सुख पाऊं, जीवन सफल हो जाए मेरा ||

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →