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आरती
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भगवान कुबेर आरती

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अक्षर

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष कुबेर हरे।

शरण पड़े जो भक्त तुम्हारे, पूरण काम करे॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

धन के देव कुबेर हमारे, तुम ही हो भंडारी।

यश वैभव के तुम ही दाता, तुम ही हो सुखकारी॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

तुम ही हो धन के अधिपति, तुम ही हो धनवान।

तुम ही हो यश के दाता, तुम ही हो बलवान॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

तुम ही हो सुख के दाता, तुम ही हो दुःखहारी।

तुम ही हो भाग्य विधाता, तुम ही हो हितकारी॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

जो कोई भक्त तुम्हारा, श्रद्धा से गुण गावे।

धन वैभव यश कीर्ति, अक्षय सुख पावे॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

जो कोई भक्त तुम्हारा, श्रद्धा से पूजा करे।

धन धान्य से भर दे घर, सब संकट हर ले॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

जो कोई भक्त तुम्हारा, श्रद्धा से ध्यान धरे।

मनवांछित फल पावे, सब कष्ट दूर करे॥

ॐ जय यक्ष कुबेer हरे...

आरती कुबेर देव की, जो कोई नर गावे।

कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥

ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...

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