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आरती
आरती

नर्मदा माता आरती

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Narmada मुफ़्त
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अक्षर

ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनन्द कन्दी ।

ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हर शँकर, है आरती तेरी ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

मात नर्मदे हर हर, हर हर जय जय ।

तुम हो आदि भवानी, तुम हो आदि भवानी, तुम हो आदि भवानी, त्रिभुवन वरदानी ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

अमरकण्ठ में प्रकटी, मैया तुम हो सुख करनी ।

घाटे घाट में बिराजे, घाटे घाट में बिराजे, घाटे घाट में बिराजे, सब की हो भरनी ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

काशी में गंगा मैया, प्रयाग में यमुना मैया ।

नर्मदा मैया तुम हो, नर्मदा मैया तुम हो, नर्मदा मैया तुम हो, हर हर जय जय ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

जो नर तुमको ध्यावे, मैया सो नर सुख पावे ।

अमरकण्ठ में जावे, अमरकण्ठ में जावे, अमरकण्ठ में जावे, सो नर सुख पावे ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

जो नर तुमको पूजे, मैया सो नर सुख पावे ।

अमरकण्ठ में जावे, अमरकण्ठ में जावे, अमरकण्ठ में जावे, सो नर सुख पावे ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

जो नर तुमको गावे, मैया सो नर सुख पावे ।

अमरकण्ठ में जावे, अमरकण्ठ में जावे, अमरकण्ठ में जावे, सो नर सुख पावे ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

आरती माँ नर्मदा की, जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी, कहत शिवानन्द स्वामी, कहत शिवानन्द स्वामी, सो नर सुख पावे ॥

ॐ जय जगदानन्दी ॥

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