जय सद्गुरु स्वामी आरती — स्वामिनारायण आरती
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जय सद्गुरु स्वामी, प्रभु जय सद्गुरु स्वामी।
सहजानन्द दयालु, बलवंत बहुनामी॥
धर्म भक्ति ज्ञान वैराग्य, जीवन में उजियारे।
आरती उतारूँ स्वामी, चरण शरण हमारे॥
Jay Sadguru Swami, Prabhu Jay Sadguru Swami.
Sahajanand dayalu, balvant bahunaami.
Dharm bhakti gyan vairagya, jeevan mein ujiyaare.
Aarti utaarun Swami, charan sharan hamaare.
अर्थ: सद्गुरु स्वामी और सहजानन्द प्रभु को दयालु रूप में प्रणाम है।
Sadguru Swami and Sahajanand Prabhu are praised with devotion.
अर्थ: प्रभु को अनेक नामों से पूजित और बलवान रक्षक माना गया है।
The Lord is revered by many names and seen as a powerful protector.
अर्थ: धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से जीवन प्रकाशित हो, यह प्रार्थना है।
The devotee prays that dharma, devotion, wisdom, and detachment brighten life.
अर्थ: भक्त स्वामी की आरती उतारकर चरणों में शरण माँगता है।
The devotee offers aarti and seeks refuge at the Lord’s feet.
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