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आरती
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सन्तोषी माता आरती

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अक्षर

जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता |

अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ||

सुन्दर वदन चतुर्भूजी, मंगलमयी माता |

सिंहासन विराजती, हंस वाहिनी माता ||

जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता |

अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ||

स्वर्ण कमल पर बैठी, चंवर डुलाती माता |

श्वेत वस्त्र परिधान, रत्न जड़ित माता ||

जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता |

अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ||

शुक्रवार प्रिय दिन, व्रत करती माता |

गुड़ चना भोग लगाती, फल पाती माता ||

जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता |

अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ||

जो कोई मन से ध्यावे, फल पावे माता |

दुःख दरिद्र मिटावे, सुख पावे माता ||

जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता |

अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ||

यह आरती जो कोई गावे, सुख पावे माता |

मनवांछित फल पावे, यश पावे माता ||

जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता |

अपने सेवक जन की, सुख सम्पति दाता ||

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