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आरती
आरती

श्री लक्ष्मीनारायण आरती

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अक्षर

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण |

आरती उतारूँ मैं, आरती उतारूँ मैं, आरती उतारूँ मैं, दुःख हरण सुख कारण ||

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण ||

रत्न सिंहासन पर शोभा तुम्हारी |

नारद शारद स्तुति करें, महिमा है न्यारी ||

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण ||

गरुड़ वाहन पर तुम, जग में पधारे |

शंख चक्र गदा पद्म, शोभा है धारे ||

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण ||

क्षीर सागर में तुम, शयन करते हो |

शेषनाग की शैया पर, आनंद भरते हो ||

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण ||

ब्रह्मा विष्णु शिवजी, सब देव मनाते |

लक्ष्मी संग नारायण, दर्शन दिखलाते ||

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण ||

जो कोई आरती गावे, मन से तुम्हारी |

सुख सम्पति पावे, मिटे दुःख भारी ||

जय लक्ष्मी विष्णु जय लक्ष्मीनारायण ||

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