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आरती
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तुलसी माता आरती

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अक्षर

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता |

सब जग पूजत तुमको, सब जग पूजत तुमको, सब वर मांगत दाता ||

सबकी योग बनी है, सबकी योग बनी है, सब हो तुमको ध्याता |

कष्ट निवारिणी सुख करनी, कष्ट निवारिणी सुख करनी, सब हो तुमको ध्याता ||

पर्वत पर तुम रहती, पर्वत पर तुम रहती, सब हो तुमको ध्याता |

धूप दीप नैवेद्य, धूप दीप नैवेद्य, सब हो तुमको ध्याता ||

जो कोई तुमको ध्यावे, जो कोई तुमको ध्यावे, सो नर सुख पावे |

जो कोई तुमको पूजे, जो कोई तुमको पूजे, सो नर सुख पावे ||

यह आरती जो गावे, यह आरती जो गावे, सो नर सुख पावे |

कहत शिवानंद स्वामी, कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे ||

जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता |

सब जग पूजत तुमको, सब जग पूजत तुमको, सब वर मांगत दाता ||

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