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आरती
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भगवान बटुक भैरव आरती

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अक्षर

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

कालिका माता के पुत्र, कृपा करो देवा ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

तुम ही शिव के अंश हो, तुम ही हो अविनाशी |

तुम ही हो त्रिलोकी के, स्वामी अविनाशी ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

तुम ही हो काल के काल, तुम ही हो महाकाल |

तुम ही हो भक्तों के रक्षक, तुम ही हो कृपाल ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

तुम ही हो भूत-प्रेत के, नाशक बलकारी |

तुम ही हो संकट मोचन, तुम ही हो हितकारी ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

तुम ही हो भैरवी के पति, तुम ही हो बलवान |

तुम ही हो भक्तों के दाता, तुम ही हो वरदान ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

जो कोई तेरी आरती गावे, मन से ध्यावे |

सुख-संपत्ति घर आवे, दुख दूर भगावे ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

शरण तुम्हारी जो आवे, संकट मिट जावे |

मनवांछित फल पावे, भवसागर तर जावे ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

कालिका माता के पुत्र, कृपा करो देवा ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |

पाठ पूर्ण

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