Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

महागौरी माता आरती

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Mahagauri मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

जय महागौरी माँ जय महागौरी |

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

तुम हो शैलसुता वरदानी,

श्वेत वस्त्र श्वेताम्बर धारी |

चतुर्भुज रूपा अति सुखकारी,

वृषभवाहिनी माँ शुभकारी ||

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

एक हाथ में त्रिशूल विराजे,

दूजे में डमरू अति साजे |

तीजे में वर मुद्रा धारी,

चौथे में अभय मुद्रा प्यारी ||

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

पार्वती रूप में तुम आई,

शिव को पाने तपस्या की |

घोर तपस्या से तन काला,

शिव ने गंगाजल से धो डाला ||

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

तब से तुम कहलाई गौरी,

महागौरी माँ अति सुखकारी |

जो नर नारी तुम्हें ध्यावे,

मनवांछित फल वो पावे ||

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

रोग दोष सब दूर भगावे,

सुख समृद्धि घर में आवे |

शरण तुम्हारी जो भी आवे,

भवसागर से पार लगावे ||

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

महागौरी की आरती जो गावे,

सुख संपत्ति वैभव पावे |

मनोकामना पूर्ण हो जावे,

अंत में शिवलोक सिधावे ||

जय महागौरी माँ जय महागौरी ||

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →