Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

भगवान् श्रीरामचन्द्र

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Ram मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

बंदउँ रघुबति बिषम बान कृसानु।

दहन हेतु जन मन मानस भानु॥

जासु नाम सुमिरत सुभ होई।

तेहि प्रभु कहुँ प्रनाम करइ सब कोई॥

जेहिं रघुकुल केतु बिराजित।

तिहुँ लोक जस बिमल बिराजित॥

सोइ रामु सब कारन करन।

मोहिं दीजिय राम पद सरन॥

बंदउँ राम राम रघुनंदन।

भगत बिपत भंजन भुवन मंडन॥

जासु चरित सुभ सरद सुहावन।

सोइ रामु मोरि गति अब धावन॥

बंदउँ राम राम रघुकुल मणि।

भव सागर मोहिं पार उतारहु अवनी॥

जासु नाम जपत तरइ नरकामी।

तेहि प्रभु कहुँ बार बार प्रनामी॥

बंदउँ राम राम रघुकुल चूड़ामणि।

मोहिं दीजिय राम पद सरन अवनी॥

जासु नाम सुमिरत सब होई।

तेहि प्रभु कहुँ प्रनाम करइ सब कोई॥

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →