Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

भगवान् नटवर

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Krishna मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

आरती कीजै नटवर गिरधारी की ।

जय जय श्याम मुरारी, जय जय बनवारी की ॥

नील कमल सम सुंदर काया, मोर मुकुट सिर सोहे ।

बंसी अधर विराजत प्यारी, मनमोहन मन मोहे ॥

आरती कीजै नटवर गिरधारी की ।

जय जय श्याम मुरारी, जय जय बनवारी की ॥

गोकुल में तुम माखन चोरत, ग्वाल बाल संग खेले ।

गोपिन संग रास रचाया, भव बंधन सब ढेले ॥

आरती कीजै नटवर गिरधारी की ।

जय जय श्याम मुरारी, जय जय बनवारी की ॥

गिरिवर धारण कर प्रभु तुमने, इंद्र मान हर लीन्हा ।

दीन दुखियन के तुम रखवाले, शरणागत सुख दीन्हा ॥

आरती कीजै नटवर गिरधारी की ।

जय जय श्याम मुरारी, जय जय बनवारी की ॥

राधा रानी संग विराजे, वृंदावन के वासी ।

पतित पावन नाम तिहारो, हरते सकल भव बाधा नाशी ॥

आरती कीजै नटवर गिरधारी की ।

जय जय श्याम मुरारी, जय जय बनवारी की ॥

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →