Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

भगवान् ब्रह्मा, विष्णु, महेश

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Trimurti मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

जय ब्रह्मा, जय विष्णु, जय शिव देवा ।

एक रूप तुम तीन देव, करते जग की सेवा ॥

ब्रह्मा जी तुम सृष्टिकर्ता, वेद तुम्हारे गाते ।

कमल आसन पर विराजे, सृष्टि चक्र चलाते ॥

चारों मुख से ज्ञान देते, जग को राह दिखाते ।

जय ब्रह्मा, जय विष्णु, जय शिव देवा ॥

विष्णु प्रभु तुम पालनकर्ता, लक्ष्मी संग विराजे ।

शंख चक्र गदा पद्म धारी, भक्तों के काज संवारे ॥

शेषनाग पर शयन करते, धर्म की रक्षा करते ।

जय ब्रह्मा, जय विष्णु, जय शिव देवा ॥

शिव शंकर तुम संहारक, डमरू त्रिशूल धारी ।

कैलाश पर्वत वासी, भूत प्रेत संगी ॥

भस्म रमाए तन पर, विष पीकर जग तारे ।

जय ब्रह्मा, जय विष्णु, जय शिव देवा ॥

त्रिदेव तुम ही हो स्वामी, महिमा तुम्हारी न्यारी ।

भक्तों के दुख हरते, करते भव से पारि ॥

जो कोई तुमको ध्यावे, उसकी बिगड़ी संवारे ।

जय ब्रह्मा, जय विष्णु, जय शिव देवा ॥

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →