Skip to main content मुख्य सामग्री पर जाएँ
English में भी उपलब्ध — ऊपर नेविगेशन से बदलें
आरती
आरती

गायत्री माता आरती

पाठ पढ़ें, सुनें या अर्थ के साथ अपनी गति से आगे बढ़ें।

Gayatri मुफ़्त
सुनें या देखें

पाठ के साथ जुड़ें

वीडियो देखेंजब आप तैयार हों तब खोलें खोलेंबंद करें
आपका पाठ

अपनी गति से पढ़ें

मूल पाठ, रोमन लिपि या अर्थ चुनें। अक्षरों का आकार और पृष्ठभूमि भी बदल सकते हैं।

अक्षर

जय गायत्री माता, जय गायत्री माता।

सद्बुद्धि प्रदाता, दुःख हरता सुखदाता॥

जय गायत्री माता...

आदि शक्ति तुम, ज्ञान स्वरूपा।

तुम ही हो ब्रह्मा, विष्णु, शिव रूपा॥

जय गायत्री माता...

महाशक्ति महामाया, तुम ही हो जगदम्बा।

सृष्टि की जननी, पालन करती अम्बा॥

जय गायत्री माता...

वेद पुराणों में, महिमा तुम्हारी।

गाते हैं ऋषि मुनि, स्तुति तुम्हारी॥

जय गायत्री माता...

भक्तों के संकट, तुम ही हरती हो।

ज्ञान प्रकाश से, जीवन भरती हो॥

जय गायत्री माता...

जो कोई ध्यावे, श्रद्धा से तुमको।

पावे सुख शांति, मुक्ति भी उसको॥

जय गायत्री माता...

अष्ट सिद्धि नव निधि, तुम ही देती हो।

रोग शोक भय, सब हर लेती हो॥

जय गायत्री माता...

चारों वेद की, जननी तुम ही हो।

सकल विश्व की, धात्री तुम ही हो॥

जय गायत्री माता...

आरती जो कोई, प्रेम से गावे।

मनवांछित फल, निश्चय पावे॥

जय गायत्री माता...

पाठ पूर्ण

एक शांत क्षण लें

पाठ के भाव को मन में रहने दें, फिर चाहें तो दोबारा पढ़ें या संबंधित प्रार्थना चुनें।

संग्रह पर जाएँ
Kriyasya
✦ Talk to AI Companion →