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आरती
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श्री यशोदालाल आरती

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अक्षर

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की।

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की।

बार-बार बलि जाउँ, बार-बार बलि जाउँ,

बार-बार बलि जाउँ, अपने ललना की।

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की॥

कंचन थार कपूर की बाती,

कंचन थार कपूर की बाती।

निरखत छवि मन हरषाती,

निरखत छवि मन हरषाती।

बार-बार बलि जाउँ, बार-बार बलि जाउँ,

बार-बार बलि जाउँ, अपने ललना की।

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की॥

घुटुरुन चलत, पाँव पैजनिया,

घुटुरुन चलत, पाँव पैजनिया।

मुख में माखन, मधुर बतरिया,

मुख में माखन, मधुर बतरिया।

बार-बार बलि जाउँ, बार-बार बलि जाउँ,

बार-बार बलि जाउँ, अपने ललना की।

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की॥

श्याम सुंदर, मनमोहन मूरत,

श्याम सुंदर, मनमोहन मूरत।

कोटि काम छवि वारूँ सूरत,

कोटि काम छवि वारूँ सूरत।

बार-बार बलि जाउँ, बार-बार बलि जाउँ,

बार-बार बलि जाउँ, अपने ललना की।

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की॥

सूरदास बलिहारी जावे,

सूरदास बलिहारी जावे।

पल-पल छवि निरखत सुख पावे,

पल-पल छवि निरखत सुख पावे।

बार-बार बलि जाउँ, बार-बार बलि जाउँ,

बार-बार बलि जाउँ, अपने ललना की।

आरती करत यशोदा प्रमुदित, अपने ललना की॥

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